केंद्र सरकार में बड़ा बदलाव करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के साथ शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई। धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा देशभर में एनईईटी (NEET) पेपर लीक विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों और उनके इस्तीफे की मांग के बीच आया। लंबे समय से जारी विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में नेतृत्व परिवर्तन का फैसला लिया।
कार्यभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वह इस जिम्मेदारी को विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, विश्वास तथा सुधार को प्राथमिकता देंगे। वर्तमान में उनके पास उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी है। प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से लगातार पांच बार लोकसभा सांसद चुने जा चुके हैं और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व कर चुके हैं। ऐसे समय में जब देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, शिक्षा मंत्रालय की कमान संभालना उनके लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जल्द ठोस कदम उठाएगी।

