जगन्नाथ महादेव: गायमुख मंदिर ठाणे
क्या आप जानते हैं इस मंदिर का नाम 'गायमुख' क्यों पड़ा? आइए जानते हैं इसकी दिलचस्प कहानी!
स्वयंभू शिवलिंग
की महिमा
घोडबंदर रोड स्थित यह मंदिर भक्तों के बीच एक अति जागृत देवस्थान माना जाता है, जहाँ हर मनोकामना पूरी होती है।
असली गाय नहीं, बल्कि पत्थर का 'गौमुख'
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जल की निकासी गाय के मुख (Gaumukh) जैसी संरचना से होती है, जिससे इस स्थान का नाम गायमुख पड़ा।
पहाड़ी का रहस्यमयी प्राकृतिक स्रोत
खाड़ी का सुंदर संगम
क्या आप कभी यहाँ गए हैं?
ठाणे के इस पवित्र और सुंदर स्थान के दर्शन के लिए एक बार ज़रूर जाएँ। इस स्टोरी को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें!