खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोपों के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने हींग की बिक्री को लेकर बड़ा कदम उठाया है। FSSAI ने ‘एवरेस्ट’ और ‘लालजी गोधू’ सहित कुछ नामी ब्रांडों की हींग की बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार की सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने के मामले में कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान संबंधित कंपनियों के हींग उत्पादों में नियमों और तय मानकों से जुड़े कुछ उल्लंघन सामने आए, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। FSSAI की कार्रवाई के तहत ‘एवरेस्ट’ और ‘लालजी गोधू’ ब्रांड की हींग की बिक्री पर फिलहाल अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। यह फैसला खाद्य सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन के बाद लिया गया है।
देश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। मसालों, तेल, दूध और अन्य खाद्य उत्पादों की जांच को लेकर पिछले कुछ समय से केंद्रीय और राज्य स्तर की एजेंसियां सक्रिय हैं। ऐसे में बड़े और लोकप्रिय ब्रांडों पर कार्रवाई ने उपभोक्ताओं का ध्यान एक बार फिर खाद्य सुरक्षा की ओर खींचा है। हींग भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण मसाला है और इसका उपयोग दाल, सब्जियों और कई पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है। ऐसे में लोकप्रिय ब्रांडों के उत्पादों पर कार्रवाई का सीधा असर बाजार और उपभोक्ताओं दोनों पर पड़ सकता है। हालांकि यह रोक अस्थायी बताई जा रही है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष और कंपनियों द्वारा नियमों के पालन से जुड़े स्पष्टीकरण के आधार पर तय की जाएगी। संबंधित उत्पादों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद ही बिक्री को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि बाजार में उपलब्ध पैकेज्ड खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता की निगरानी कितनी प्रभावी है। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल ब्रांड के नाम पर भरोसा करने के बजाय उपभोक्ताओं को उत्पाद की पैकेजिंग, लाइसेंस नंबर, निर्माण और समाप्ति तिथि सहित अन्य जरूरी जानकारियों पर भी ध्यान देना चाहिए। FSSAI की यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि खाद्य सुरक्षा मानकों के मामले में अब बड़े ब्रांड भी जांच और कार्रवाई से बाहर नहीं हैं।

