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August 13, 2026

Vande Mataram का अपमान अब अपराध, राष्ट्रपति मुर्मू ने दी संशोधन विधेयक को मंजूरी

Vande Mataram News

Vande Mataram News: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कानूनी कदम उठाया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके बाद वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ के समान वैधानिक संरक्षण मिल गया है।

वंदे मातरम् के अपमान पर होगी कानूनी कार्रवाई

नए कानून के तहत जानबूझकर वंदे मातरम् के गायन को रोकना या इसके गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध होगा। यह प्रावधान उस कानूनी सुरक्षा के समान है जो पहले राष्ट्रीय गान के लिए लागू थी। इस अपराध में तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

पहले क्या था कानून?

Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रीय गान से जुड़े अपमान को लेकर कानूनी प्रावधान मौजूद थे।कानून के अनुसार राष्ट्रीय गान के गायन को जानबूझकर रोकना या राष्ट्रीय गान गा रहे किसी समूह के कार्यक्रम में बाधा डालना अपराध था। ऐसे मामलों में तीन साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान था। अब इसी व्यवस्था का दायरा बढ़ाकर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को भी इसमें शामिल किया गया है।

संसद से पारित होने के बाद राष्ट्रपति की मंजूरी

Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 को संसद के मानसून सत्र में लाया गया था। राज्यसभा ने 29 जुलाई को इसे पारित किया था। विधेयक का उद्देश्य 1971 के कानून में संशोधन कर राष्ट्रीय गीत को भी कानूनी संरक्षण देना था। अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह संशोधन कानून का हिस्सा बन गया है।

राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत को मिला समान वैधानिक संरक्षण

भारत में ‘जन गण मन’ राष्ट्रीय गान है, जबकि ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रीय गीत है। दोनों की संवैधानिक और सांस्कृतिक भूमिका अलग है, लेकिन नए संशोधन के बाद वंदे मातरम् को भी राष्ट्रीय गान की तरह वैधानिक सुरक्षा प्राप्त हो गई है। इसका मतलब यह नहीं है कि वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान घोषित कर दिया गया है। राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत की आधिकारिक स्थिति अलग-अलग बनी हुई है। बदलाव मुख्य रूप से कानूनी संरक्षण से जुड़ा है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से गहराई से जुड़ा रहा है। अब इसे कानूनी संरक्षण मिलने के बाद राष्ट्रीय गीत के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या उसका अपमान करने वाले मामलों पर कानून के तहत कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रीय गीत की गरिमा बनाए रखना है। वहीं, इस कदम को लेकर सार्वजनिक जीवन में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और कानूनी दायरे को लेकर भी बहस की संभावना है।

क्या बदला?

  • वंदे मातरम् को वैधानिक संरक्षण मिला।
  • इसके गायन को जानबूझकर रोकना अपराध होगा।
  • इसके गायन में सभा को बाधित करना अपराध होगा।
  • दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
  • वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान के समान कानूनी संरक्षण मिला है, लेकिन वह राष्ट्रीय गान नहीं बना है।

Read Also: ई-20 पेट्रोल के खिलाफ AAP का हल्लाबोल

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