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July 20, 2026

ईशा फाउंडेशन के सद्गुरु की ब्रेन सर्जरी 

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ईशा फाउंडेशन के सद्गुरु जग्गी वासुदेव की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में आपातकालीन ब्रेन सर्जरी हुई. ईशा फाउंडेशन के सद्गुरु की ब्रेन सर्जरी से पहले उनके लिए ‘जान का खतरा वाले हालात’ पैदा हो गए थे. सद्गुरु पिछले चार हफ्ते से गंभीर सिरदर्द का अनुभव कर रहे थे. ईशा फाउंडेशन के सद्गुरु की ब्रेन सर्जरी  डॉक्टरों को पता चला कि उनके मस्तिष्क में भारी रक्तस्राव और सूजन है, जिसके बाद उन्हें सर्जरी करानी पड़ी. सद्गुरु के मस्तिष्क में भारी सूजन और रक्तस्राव के बाद उन्हें अपोलो दिल्ली ले जाया गया, जिसका पता 17 मार्च को चला.

दिल्ली के अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर विनीत सूरी ने इस पर जानकारी देते हुए कहा कि सद्गुरु के जीवन को गंभीर खतरे की स्थिति थी. सीटी स्कैन में रक्तस्राव के साथ-साथ उनके मस्तिष्क में गंभीर सूजन का पता चला. सद्गुरु को पिछले चार हफ्तों से सिरदर्द था और सिरदर्द बहुत गंभीर था. वह सिरदर्द को नजरअंदाज कर रहे थे क्योंकि वह अपनी दैनिक गतिविधियां करना चाहते थे… दर्द वास्तव में 15 मार्च को गंभीर हो गया था, जब उसने मुझसे संपर्क किया और मुझे तुरंत पता चल गया कि कुछ तो भयावह घटना हो रही है. डॉक्टरों की एक टीम (डॉ. विनीत सूरी, डॉ. प्रणव कुमार, डॉ. सुधीर त्यागी और डॉ. एस चटर्जी) ने उनके ब्रेन में रक्तस्राव को रोकने के लिए अस्पताल आने के कुछ घंटों के भीतर उनकी आपातकालीन मस्तिष्क सर्जरी को अंजाम दिया. सर्जरी के बाद सद्गुरु को वेंटिलेटर से हटा दिया गया. डॉक्टर ने आगे कहा कि उन्होंने एमआरआई किया. जिससे पता चला कि उनके मस्तिष्क में भारी रक्तस्राव हुआ था. फिलहाल सद्गुरु के स्वास्थ्य में लगातार सुधार दिखाई दे रहा है और उनके मस्तिष्क, शरीर और महत्वपूर्ण मापदंडों में सामान्य स्तर तक सुधार हुआ है. उनकी रिकवरी उम्मीद से कहीं बेहतर हुई है और डॉ. सूरी के मुताबिक हमारे द्वारा शुरू किए गए चिकित्सा उपायों के अलावा सद्गुरु खुद को ठीक कर रहे हैं. सद्गुरु कुछ बैठकों और एक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में थे, जब उन्हें गंभीर सिरदर्द हो रहा था.

स्वर्णिम मुंबई न्यूज़लेटर 👋

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