mallikarjun kharge pti030923Congress president Mallikarjun Kharge | PTI
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Electoral Bonds: भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी का खुलासा करने के लिए दी गई समयसीमा को बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की है. Mallikarjun Kharge on Electoral Bonds: 24 घंटे में मिल जाएगी डोनर्स की डिटेल्स ,इसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार (5 मार्च) को प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि मोदी सरकार देश के सबसे बड़े बैंक का इस्तेमाल अपने संदिग्ध लेनदेन को छिपाने के लिए ढाल के तौर पर कर रही है. मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की ब्लैक मनी को इलेक्टोरल बॉन्ड के तौर पर सफेद करने की स्कीम को खत्म किया है. अब अदालत ने बीजेपी को पैसा देने वाले लोगों की जानकारी मांगी है, तो पार्टी चाहती है कि ऐसा लोकसभा चुनाव के बाद किया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने इलेक्टोरल बॉन्ड को असंवैधानिक करार दिया था. शीर्ष अदालत की पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने कहा था कि एसबीआई को डोनर्स यानी दानदातओं की डिटेल्स देने होंगी. कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से दो सवाल भी किए हैं. साथ ही बताया है कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही कहती आ रही है कि इलेक्टोरल बॉन्ड अपारदर्शी और अलोकतांत्रिक है. खरगे ने सवाल किया, ‘क्या मोदी सरकार बीजेपी के संदिग्ध सौदों को नहीं छिपा रही है, जहां इन अपारदर्शी इलेक्टोरल बॉन्ड के बदले हाइवे, बंदरगाहों, एयरपोर्ट, पावर प्लांट्स आदि के कॉन्ट्रैक्ट मोदी जी के करीबियों को सौंपे गए?’ 

मल्लिकार्जुन खरगे ने दूसरा सवाल किया, ‘एक्सपर्ट्स का कहना है कि डोनर्स की 44,434 ऑटोमेटेड डाटा एंट्री को केवल 24 घंटों में सामने लाया जा सकता है, फिर इस जानकारी को इकट्ठा करने के लिए एसबीआई को 4 महीने और क्यों चाहिए?’ उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी बिल्कुल स्पष्ट थी कि इलेक्टोरल बॉन्ड योजना अपारदर्शी, अलोकतांत्रिक और एक समान मौका देने को बर्बाद करने वाली रही है.’

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स्वर्णिम मुंबई न्यूज़लेटर 👋

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