ताजा खबरें
September 12, 2026

Electoral Bonds: SBI ने चुनावी बॉन्ड की जानकारी देने के लिए 30 जून तक मांगा समय…

electrol bonds1
electrol0 bond

Electoral Bonds: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट से चुनावी बॉन्ड की जानकारी देने के लिए 30 जून तक का समय मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों चुनावी बॉन्ड स्कीम को रद्द कर दिया था. साथ ही कोर्ट ने एसबीआई को चुनावी बॉन्ड की जानकारी चुनाव आयोग को देने को कहा था. Electoral Bonds: SBI ने चुनावी बॉन्ड की जानकारी देने के लिए 30 जून तक मांगा समय… दरअसल, एसबीआई ही चुनावी बॉन्ड जारी करता था. 

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने 15 फरवरी 2024 को चुनावी बॉन्ड स्कीम को असंवैधानिक और RTI का उल्लंघन करार देते हुए तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी. सीजेआई की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच ने एसबीआई को अप्रैल 2019 से अब तक मिले चंदे की जानकारी 6 मार्च तक चुनाव आयोग को देने के लिए कहा था. Electoral Bonds: SBI ने चुनावी बॉन्ड की जानकारी देने के लिए 30 जून तक मांगा समय… कोर्ट ने चुनाव आयोग से 13 मार्च तक यह जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए कहा था.  मोदी सरकार ने 2018 में चुनावी बॉन्ड स्कीम की शुरुआत की थी. चुनावी बॉन्ड स्कीम के जरिए चंदा ऐसे राजीनीतिक दल हासिल कर सकते थे, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29ए के तहत रजिस्टर्ड हैं और जिन्हें पिछले लोकसभा या विधानसभा चुनाव में एक प्रतिशत से अधिक वोट मिले हों. इसके तहत कोई भी नागरिक, कंपनी या संस्था किसी पार्टी को चंदा दे सकती थी. ये बॉन्ड 1000, 10 हजार, 1 लाख और 1 करोड़ रुपये तक के हो सकते थे. खास बात ये है कि बॉन्ड में चंदा देने वाले को अपना नाम नहीं लिखना पड़ता था.ये चुनावी बॉन्ड एसबीआई की 29 ब्रांचों में मिलते थे. यह बॉन्ड साल में चार बार यानी जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर में जारी किए जाते थे. इसे ग्राहक बैंक की शाखा में या उसकी वेबसाइट पर ऑनलाइन खरीद सकता था.

स्वर्णिम मुंबई न्यूज़लेटर 👋

हमारी डिजिटल पत्रिका और नई कहानियों की जानकारी सीधे अपने ईमेल पर पाएं।

हम स्पैम नहीं करते! अधिक जानकारी के लिए हमारी प्राइवेसी पॉलिसी पढ़ें।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ठाणे के ‘गायमुख मंदिर’ का रहस्य और इसकी अनोखी गाथा! समुद्र की तूफानी लहरों का ख़ौफ़नाक नज़ारा! 5-Star होटलों का काला सच और FSSAI के नियम Monsoon Eye Care Tips अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर तो हो गया… लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण हैं।