ताजा खबरें
July 26, 2026

77वें गणतंत्र दिवस परेड में आयुष झांकी ने दर्शकों का मन मोह लिया 

77 gantantra divas 1

नई दिल्ली के कर्तव्य पथ से 77वें गणतंत्र दिवस परेड में आयुष मंत्रालय की झांकी को प्रदर्शित किया गया, जिसमे भारत की एकीकृत पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर व्यापक रूप से प्रस्तुत किया गया । 77वें गणतंत्र दिवस परेड में आयुष झांकी ने दर्शकों का मन मोह लिया  आयुष मंत्रालय की राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) योजना के नेतृत्व में झांकी की अवधारणा, “आयुष का तंत्र, स्वास्थ्य का मंत्र” विषय पर आधारित थी, जो आत्मनिर्भर भारत और जन-केंद्रित विकास के वृहद राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ श्रेणीबद्ध थी। झांकी के द्वारा स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति भारत के सभ्यतागत दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा अर्थात उपचार का ज्ञान और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक ज्ञान प्रणालियां निवारक, संवर्धक तथा समुदाय-आधारित स्वास्थ्य देखभाल को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

झांकी के अग्रभाग में प्रकृति के साथ तालमेल बिठाते हुए भारत के पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान के प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व के माध्यम से आयुष की मूलभूत जड़ों को दर्शाया गया है। इसमें सृजनात्मक शिल्प आकृतियों और औषधीय पौधों के रूपांकनों ने मानव स्वास्थ्य और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के बीच घनिष्ठ संबंध को प्रदर्शित किया गया और आयुष के मुख्य सिद्धांतों के तौर पर सतत विकास और “सर्वांगीण शिक्षा” पर बल दिया। झांकी में राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के माध्यम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा ढांचे में आयुष के संरचित एकीकरण को प्रदर्शित किया गया। दृश्य तत्वों ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष), संस्थागत क्षमता निर्माण, शिक्षा और अनुसंधान पहल सहित जमीनी स्तर पर आयुष सेवाओं के विस्तार को रेखांकित किया गया झांकी में डिजिटल रूप से सक्षम वेलनेस लीडर के रूप में भारत के उद्भव को भी दर्शाया गया है। एनएएम के तहत प्रौद्योगिकी-संचालित पहलों को मातृ और शिशु देखभाल, बुजुर्गों की भलाई और स्कूल स्तर पर आयुष अवधारणाओं की शीघ्र शुरूआत का समर्थन करने वाले डिजिटल प्लेटफार्मों के दृश्य प्रतिनिधित्व के माध्यम से प्रकाश डाला गया, जो स्वास्थ्य सेवा के लिए एक व्यापक जीवन-चक्र दृष्टिकोण को दर्शाता है।

अरिषदवर्ग अर्थात छह आंतरिक चुनौतियो को चित्रित करने वाला एक कलात्मक खंड – मानसिक संतुलन, भावनात्मक कल्याण और आंतरिक अनुशासन को बढ़ावा देने में आयुष प्रथाओं की भूमिका का प्रतीक है। इस खंड ने आधुनिक जीवनशैली से संबंधित स्वास्थ्य चिंताओं को दूर करने में निवारक स्वास्थ्य देखभाल और स्व-देखभाल के महत्व को प्रदर्शित किया।

स्वर्णिम मुंबई न्यूज़लेटर 👋

हमारी डिजिटल पत्रिका और नई कहानियों की जानकारी सीधे अपने ईमेल पर पाएं।

हम स्पैम नहीं करते! अधिक जानकारी के लिए हमारी प्राइवेसी पॉलिसी पढ़ें।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Monsoon Eye Care Tips अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर तो हो गया… लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण हैं। “अक्षय तृतीया का असली मतलब—जो कभी खत्म न हो!” समुद्र की गहराई वहीं छिपी हैं ऐसी मछलियाँ महिलाओं के चेहरे के ये तिल खोल देते हैं किस्मत के दरवाजे!