वर्चुअल ऑटोप्सी सेंटर

मुंबई में बिना चीर-फाड़ के पोस्टमार्टम!

17 करोड़ रुपये की परियोजना से फॉरेंसिक जांच को मिलेगी नई दिशा; CT स्कैन और 3D इमेजिंग से शरीर के भीतर छिपे रहस्यों को समझने में मिलेगी मदद

वर्चुअल ऑटोप्सी सेंटर चिकित्सा विज्ञान और फॉरेंसिक जांच के क्षेत्र में मुंबई एक नई तकनीकी पहल की ओर बढ़ रहा है। परेल स्थित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के किंग एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल में अत्याधुनिक वर्चुअल ऑटोप्सी सेंटर स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इस तकनीक की खासियत यह है कि मृत शरीर की आंतरिक जांच पारंपरिक चीर-फाड़ के बजाय आधुनिक स्कैनिंग और डिजिटल इमेजिंग की मदद से की जा सकेगी। इससे दुर्घटनाओं, संदिग्ध मौतों और आपराधिक मामलों की जांच में महत्वपूर्ण सहायता मिलने की उम्मीद है।

वर्चुअल ऑटोप्सी सेंटर 17 करोड़ रुपये की परियोजना

BMC ने 30 अक्टूबर 2026 को KEM अस्पताल में आधुनिक मॉर्चरी कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए लगभग 17 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। प्रस्तावित परिसर ग्राउंड फ्लोर के अलावा पांच मंजिलों का होगा। इसमें एडवांस्ड फॉरेंसिक मेडिसिन और नॉन-इनवेसिव ऑटोप्सी से संबंधित सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना को लगभग 11 महीने में तैयार करने का लक्ष्य है। इसके लिए 5 नवंबर को प्री-टेंडर बैठक और 19 नवंबर को बोली जमा करने की अंतिम तारीख निर्धारित की गई है। मुंबई के सरकारी जेजे अस्पताल में भी इसी तरह की सुविधा शुरू करने की योजना है।

क्या है वर्चुअल ऑटोप्सी सेंटर

वर्चुअल ऑटोप्सी को ‘वर्टॉप्सी’ भी कहा जाता है। यह एक आधुनिक फॉरेंसिक तकनीक है, जिसमें CT स्कैन और अन्य इमेजिंग उपकरणों की मदद से मृत शरीर के अंदरूनी हिस्सों की जांच की जाती है। पारंपरिक पोस्टमार्टम में जहां शरीर को खोलकर आंतरिक अंगों का निरीक्षण किया जाता है, वहीं इस तकनीक में डिजिटल तस्वीरों और 3D मॉडल के जरिए शरीर की संरचना को समझा जाता है। स्कैन के माध्यम से हड्डियों में फ्रैक्चर, अंदरूनी रक्तस्राव, गोली या अन्य बाहरी वस्तुओं की मौजूदगी तथा चोटों की स्थिति का पता लगाने में मदद मिल सकती है। विशेषज्ञ इन डिजिटल तस्वीरों का विश्लेषण कर मृत्यु के संभावित कारण और चोट लगने की परिस्थितियों को समझने का प्रयास करते हैं।

गोली और चाकू के घाव का भी होगा विश्लेषण

फॉरेंसिक जांच में इस तकनीक का विशेष महत्व हो सकता है। उदाहरण के लिए, गोली शरीर में किस दिशा से दाखिल हुई, चाकू का घाव कितना गहरा था या दुर्घटना में हड्डियों को किस प्रकार की चोट पहुंची—इन सवालों का विश्लेषण 3D इमेजिंग की मदद से किया जा सकता है। प्रस्तावित केंद्र में 3D स्कैनर और शरीर के कुछ हिस्सों के भौतिक मॉडल तैयार करने की सुविधा भी विकसित की जाएगी। खोपड़ी और हड्डियों के फ्रैक्चर के मॉडल जांच अधिकारियों को चोटों की प्रकृति समझने में मदद कर सकते हैं। डिजिटल रिकॉर्ड को जरूरत पड़ने पर दूसरे विशेषज्ञों के साथ साझा कर उनकी राय भी ली जा सकेगी।

परिवारों की भावनाओं और गरिमा का भी सवाल

पोस्टमार्टम की पारंपरिक प्रक्रिया को लेकर कई परिवारों के मन में धार्मिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक चिंताएं रहती हैं। ऐसे मामलों में वर्चुअल ऑटोप्सी एक संवेदनशील विकल्प के रूप में उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि इसमें शरीर को चीरने की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, यह सुविधा हर मामले में पारंपरिक पोस्टमार्टम की जगह नहीं ले सकती। कुछ बीमारियों, सूक्ष्म ऊतक परिवर्तनों और विशेष फॉरेंसिक परिस्थितियों में शरीर से नमूने लेना आवश्यक हो सकता है। ऐसे मामलों में पारंपरिक पोस्टमार्टम की जरूरत बनी रहेगी।

फॉरेंसिक जांच में तकनीक का नया दौर

मुंबई के सरकारी अस्पतालों में पोस्टमार्टम का काम काफी अधिक रहता है। ऐसे में आधुनिक इमेजिंग तकनीक जांच प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने और विशेषज्ञों को महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने में सहायक हो सकती है। डिजिटल रिकॉर्ड भविष्य में न्यायिक प्रक्रिया के दौरान भी उपयोगी साबित हो सकते हैं। वर्चुअल ऑटोप्सी सेंटर की स्थापना केवल चिकित्सा तकनीक का विस्तार नहीं, बल्कि फॉरेंसिक जांच को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब इस परियोजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्माण, उपकरणों की उपलब्धता, विशेषज्ञों का प्रशिक्षण और तकनीक का वास्तविक उपयोग कितनी प्रभावी ढंग से किया जाता है।

स्रोत: Free Press Journal

स्वर्णिम मुंबई न्यूज़लेटर 👋

हमारी डिजिटल पत्रिका और नई कहानियों की जानकारी सीधे अपने ईमेल पर पाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ठाणे के ‘गायमुख मंदिर’ का रहस्य और इसकी अनोखी गाथा! समुद्र की तूफानी लहरों का ख़ौफ़नाक नज़ारा! 5-Star होटलों का काला सच और FSSAI के नियम Monsoon Eye Care Tips अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर तो हो गया… लेकिन हालात अब भी तनावपूर्ण हैं।