पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों जेल में हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक स्थिति से ज्यादा चर्चा अब उनकी सेहत को लेकर हो रही है। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराने का आदेश दिया है। साथ ही उनकी स्वास्थ्य स्थिति की दोबारा जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने को कहा गया है। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात है उनकी मेडिकल रिपोर्ट में दर्ज ‘Anxiety Level 3 Plus (+++)’। लेकिन आखिर यह 3 Plus Anxiety क्या होता है? क्या इसका मतलब है कि व्यक्ति गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रहा है? या फिर यह केवल तनाव और चिंता का बढ़ा हुआ स्तर है?
Anxiety आखिर होती क्या है?
Anxiety यानी चिंता या बेचैनी एक सामान्य मानसिक प्रतिक्रिया है। जब व्यक्ति किसी खतरे, दबाव, अनिश्चितता या तनावपूर्ण परिस्थिति का सामना करता है, तो शरीर और दिमाग दोनों प्रतिक्रिया करते हैं। कभी-कभी यह चिंता सामान्य होती है। उदाहरण के लिए परीक्षा, इंटरव्यू या किसी महत्वपूर्ण फैसले से पहले बेचैनी होना स्वाभाविक है। समस्या तब शुरू होती है जब चिंता लगातार बनी रहे, बहुत ज्यादा बढ़ जाए या व्यक्ति की नींद, सोचने की क्षमता, रोजमर्रा के काम और सामाजिक जीवन को प्रभावित करने लगे।
इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट में Anxiety Level 3 Plus (+++) दर्ज किया गया है। इसका मतलब यह है कि डॉक्टरों ने उनकी जांच के दौरान चिंता और तनाव का उल्लेखनीय स्तर पाया। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। ‘3 Plus Anxiety’ अपने आप में किसी मानसिक बीमारी का अंतिम diagnosis नहीं है। इस एक शब्द के आधार पर यह कहना गलत होगा कि इमरान खान किसी गंभीर psychiatric disorder से पीड़ित हैं। मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति जानने के लिए डॉक्टरों को कई दूसरी चीजों का मूल्यांकन करना पड़ता है—जैसे नींद, व्यवहार, लगातार चिंता की अवधि, सोचने का तरीका और दैनिक जीवन पर उसका असर।
फिर डॉक्टरों ने क्या सलाह दी?
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में केवल दवाओं का जिक्र नहीं था। इमरान खान को रोजाना करीब एक घंटे टहलने और relaxation activities करने की सलाह दी गई। इसके अलावा उन्हें किताबें, अखबार और पत्रिकाएं पढ़ने तथा टेलीविजन देखने की सुविधा देने की सिफारिश की गई। सबसे दिलचस्प सिफारिशों में से एक थी—परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने की अनुमति। इसका कारण साफ है। लंबे समय तक अकेलापन, सीमित सामाजिक संपर्क और लगातार तनाव किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर असर डाल सकते हैं।
रिपोर्ट में दिल से जुड़ी बातें भी सामने आईं
मेडिकल रिपोर्ट में इमरान खान का ब्लड प्रेशर 140/80 और पल्स रेट 54 बीट प्रति मिनट दर्ज किया गया था। रिपोर्ट में ECG सामान्य बताया गया, जबकि आगे जरूरत पड़ने पर कुछ अतिरिक्त cardiac investigations की सलाह दी गई। इसलिए पूरी रिपोर्ट को सिर्फ ‘Anxiety’ तक सीमित करके देखना सही नहीं होगा। डॉक्टरों ने उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर ध्यान दिया है।
क्या जेल का माहौल Anxiety बढ़ा सकता है?
लंबे समय तक जेल में रहना, परिवार से सीमित मुलाकात, कानूनी मामलों का दबाव और भविष्य को लेकर अनिश्चितता किसी भी व्यक्ति के लिए तनावपूर्ण हो सकती है। हालांकि, किसी व्यक्ति में Anxiety का वास्तविक कारण केवल मेडिकल विशेषज्ञ ही तय कर सकते हैं। इसलिए यह कहना कि इमरान खान की Anxiety सिर्फ जेल की वजह से है, मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर साबित नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने अस्पताल भेजने का आदेश क्यों दिया?
इमरान खान के परिवार और उनकी पार्टी लंबे समय से उनकी बेहतर चिकित्सा जांच और इलाज की मांग कर रहे थे। इन्हीं याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराने का आदेश दिया। अदालत ने मेडिकल बोर्ड में उनके निजी चिकित्सक डॉ. फैसल को शामिल करने का भी निर्देश दिया है। उनकी बहन उज़मा खान को भी मेडिकल प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। अदालत ने अगली सुनवाई में इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
असली सवाल अभी बाकी है
‘Anxiety Level 3 Plus’ शब्द सुनने में गंभीर जरूर लगता है, लेकिन इसे देखकर तुरंत किसी गंभीर मानसिक बीमारी का निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा। असल तस्वीर मेडिकल बोर्ड की विस्तृत जांच से सामने आएगी। फिलहाल इतना जरूर है कि इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सवाल बढ़ा दिए हैं और यही वजह है कि मामला अब जेल प्रशासन से निकलकर पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी। उस समय पेश होने वाली मेडिकल रिपोर्ट यह स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकती है कि इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति वास्तव में कितनी गंभीर है और उन्हें अस्पताल में कितने समय तक इलाज की जरूरत है।

