दस्तावेजों में मिलीं गंभीर खामियां
मुंबई के जुहू स्थित बीएमसी संचालित डॉ. आर.एन. कूपर अस्पताल के ब्लड बैंक का लाइसेंस महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने दो दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई 5 नवंबर 2026 से प्रभावी हुई। इसके चलते ब्लड बैंक की सेवाएं 7 नवंबर की मध्यरात्रि तक बंद रखने का आदेश दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने इस दौरान मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है।
हिंदुस्तान टाइम्स की 6 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, FDA की जांच में ब्लड बैंक के संचालन से संबंधित कई अनियमितताएं सामने आईं। इनमें आवश्यक पंजीकृत नर्स और मेडिकल सोशल वर्कर की अनुपस्थिति, रक्तदान करने वालों के चयन से जुड़े फॉर्म में अधूरी जानकारी तथा कई दाताओं के नाम और पते दर्ज नहीं होना शामिल है। जांच में ब्लड बैंक के ELISA रीडर, ELISA वॉशर और रक्त घटकों को अलग करने वाली सेंट्रीफ्यूज मशीन के उपकरण लॉगबुक भी अपडेट नहीं पाए गए। इसके अलावा अगस्त में आयोजित रक्तदान शिविर का विवरण मास्टर रजिस्टर में दर्ज नहीं था। निरीक्षण के दौरान एफेरेसिस मशीन भी काम नहीं कर रही थी। FDA ने इन कमियों को नियामकीय नियमों के अनुपालन से जुड़ा मामला माना।
कूपर अस्पताल मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
ब्लड बैंक का संचालन समर्पित बहुउद्देशीय सेवाभावी विकास संस्था द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के तहत किया जाता है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, निलंबन की अवधि में रक्त और रक्त घटकों की आवश्यकता वाले मरीजों के लिए जोगेश्वरी स्थित एचबीटी ट्रॉमा केयर अस्पताल के ब्लड बैंक से व्यवस्था की जाएगी। इस अस्थायी बदलाव के कारण मरीजों और उनके परिजनों को रक्त की उपलब्धता के लिए दूसरे अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ सकता है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी है।
कूपर अस्पताल रक्त बैंक की निगरानी तेज
महाराष्ट्र में रक्त बैंकों और रक्त भंडारण केंद्रों की जांच के दौरान FDA द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभाग का कहना है कि रक्त की गुणवत्ता, उसके स्रोत और वितरण का रिकॉर्ड सही तरीके से बनाए रखना जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर रक्त की पूरी जानकारी का पता लगाया जा सके। कूपर अस्पताल की कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब राज्य में रक्त बैंकों के निरीक्षण और नियमों के पालन को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही है। रक्तदान से लेकर रक्त के संग्रह, परीक्षण, भंडारण और वितरण तक हर चरण में निर्धारित नियमों का पालन मरीजों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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