महाराष्ट्र के नागपुर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की तुकाराम मुंढे कार्रवाई को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रवक्ता वेदप्रकाश आर्य ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाळ को निवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। आर्य ने सवाल उठाया है कि यदि किसी व्यापारी की दुकान में बाहर से आया हुआ चूहा दिखाई देने पर उसका लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है, तो क्या वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के सरकारी आवास या कार्यालय की रसोई में चूहा या बिल्ली दिखाई देने पर उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी? आर्य ने आरोप लगाया है कि एक दुकान में चूहा दिखाई देने के बाद संबंधित अधिकारियों ने उसका वीडियो बनाया और कथित तौर पर व्यापारी पर दबाव डालकर उससे बड़ी रकम वसूलने की कोशिश की। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
इस मामले में प्रशासनिक अधिकारी तुकाराम मुंढे का नाम भी सामने आया है। आर्य ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए। उनका कहना है कि यदि किसी दुकान में बाहर से कोई चूहा प्रवेश कर जाता है, तो केवल चूहा दिखाई देने के आधार पर व्यापारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करना उचित नहीं माना जा सकता। पहले यह देखना जरूरी है कि संबंधित प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों का वास्तविक उल्लंघन हुआ था या नहीं और यदि हुआ था तो उसकी गंभीरता कितनी थी। आर्य ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरी झिरवाळ से हस्तक्षेप करते हुए मामले की जांच कराने तथा संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई की समीक्षा करने की मांग की है। उनका आरोप है कि कार्रवाई के दौरान व्यापारी पर दबाव बनाया गया और इस पूरे घटनाक्रम की जांच जरूरी है।
दरअसल, खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है। किसी दुकान, होटल या खाद्य प्रतिष्ठान में चूहे, कॉकरोच या अन्य जानवरों की मौजूदगी निश्चित रूप से स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। लेकिन इस मामले में विवाद इस बात को लेकर है कि क्या केवल चूहा दिखाई देने के आधार पर लाइसेंस निलंबित करना उचित है या कार्रवाई से पहले प्रतिष्ठान की वास्तविक लापरवाही और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जांच जरूरी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की शिकायत के बाद अब इस मामले में प्रशासन की ओर से क्या जवाब दिया जाता है और कथित तौर पर व्यापारी पर दबाव डालने के आरोपों की जांच होती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल यह मामला खाद्य सुरक्षा नियमों के साथ-साथ प्रशासनिक कार्रवाई के तरीके और व्यापारियों के साथ अधिकारियों के व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है।
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