मुंबई के समुद्र में प्रस्तावित फ्लोटिंग विज्ञापन

मुंबई के समुद्र तटों और प्रमुख समुद्री किनारों पर तैरते विज्ञापन होर्डिंग लगाने की योजना ने एक नई बहस छेड़ दी है। समुद्री किनारों पर तैरते विज्ञापन में विज्ञापन महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड की इस पहल का उद्देश्य विज्ञापन अधिकारों के माध्यम से राजस्व जुटाना और समुद्री परिवहन तथा बंदरगाह सुविधाओं के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन प्राप्त करना बताया गया है। हालांकि, इस योजना को लेकर शहर की सुंदरता, पर्यावरण और तटीय नियमों के पालन पर सवाल उठने लगे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुंबई के जुहू बीच, कार्टर रोड, मार्वे जेट्टी और बांद्रा-वर्ली सी लिंक के आसपास के कुछ समुद्री स्थलों पर विज्ञापन लगाने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की गई थी। इन प्रस्तावों के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या समुद्र जैसे सार्वजनिक प्राकृतिक स्थल को व्यावसायिक विज्ञापनों के लिए इस्तेमाल करना उचित होगा।

शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर इस योजना को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की। समुद्री किनारों पर तैरते विज्ञापन में विज्ञापन 29 अक्टूबर को सामने आई उनकी अपील में शहर की समुद्री सुंदरता प्रभावित होने और पहले से मौजूद प्रदूषण के बीच विज्ञापनों का दबाव बढ़ने की आशंका जताई गई। यह उनका राजनीतिक और सार्वजनिक विरोध है; योजना को लेकर सरकार का पक्ष और संबंधित मंजूरियों की स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी।

पर्यावरण के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण सवाल विज्ञापन स्क्रीन की रोशनी और समुद्री जीव-जंतुओं पर उसके संभावित प्रभाव का है। पर्यावरण संबंधी चिंताओं में समुद्री पक्षियों, जलीय जीवों और तटीय क्षेत्रों में बढ़ते प्रकाश प्रदूषण का मुद्दा शामिल है। वहीं, तटीय नियमन से जुड़े सवाल यह हैं कि प्रस्तावित स्थानों पर आवश्यक पर्यावरणीय और तटीय मंजूरियां प्राप्त हैं या नहीं। दूसरी ओर, विज्ञापन अधिकारों से मिलने वाला राजस्व समुद्री परिवहन और बंदरगाह सुविधाओं के रखरखाव में उपयोगी हो सकता है। इसलिए बहस केवल विज्ञापन लगाने या न लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तय करने की भी है कि राजस्व जुटाने के साथ सार्वजनिक स्थलों और पर्यावरण की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।

अब निगाहें प्रशासन पर हैं। क्या सभी आवश्यक मंजूरियों, विज्ञापन स्क्रीन की चमक, संचालन के समय और पर्यावरणीय प्रभावों की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जाएगी? मुंबई के समुद्र तट शहर की प्राकृतिक पहचान और पर्यटन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। किसी भी अंतिम निर्णय में व्यावसायिक हितों के साथ नागरिकों के सार्वजनिक अधिकारों और समुद्री पर्यावरण को भी महत्व देना होगा।

स्वर्णिम मुंबई न्यूज़लेटर 👋

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