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लेखक : अशोक पाण्डेय

जगन्नाथ रथ यात्रा 2019 केवल ओडिशा ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही… हर वर्ष आयोजित होने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा विश्व की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में गिनी जाती है। वर्ष 2019 की जगन्नाथ रथ यात्रा कई कारणों से ऐतिहासिक रही, लेकिन सबसे विशेष आकर्षण था श्रीमंदिर और गुंडीचा मंदिर की पहली भव्य पुष्प सजावट, जिसने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

जगन्नाथ रथ यात्रा 2019 और इसका आध्यात्मिक महत्व

ओड़िया संस्कृति और अस्मिता के प्रतीक भगवान जगन्नाथ को ओडिशा के राजाओं का भी राजा माना जाता है। उनकी कांची विजय यात्रा का उल्लेख स्कन्द पुराण के उत्कल खंड में मिलता है।

आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को निकलने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सदियों पुरानी सेवा, परंपरा और समर्पण का जीवंत उत्सव है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा अपने भक्तों के बीच आते हैं।

रथ यात्रा में निभाई जाने वाली प्रमुख सेवाएं

हर वर्ष रथ यात्रा के दौरान अनेक पारंपरिक सेवाएं संपन्न होती हैं, जिनमें प्रमुख हैं—

  • गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य द्वारा आत्मनिवेदन।
  • पुरी के गजपति महाराजा द्वारा छेरा पहंरा सेवा।
  • विभिन्न मठों द्वारा धार्मिक सेवाएं।
  • श्रीमंदिर के सेवायतों द्वारा पारंपरिक अनुष्ठान।

इन्हीं सेवाओं की श्रृंखला में वर्ष 2019 में पहली बार एक नई सेवा जुड़ी—श्रीमंदिर और गुंडीचा मंदिर की भव्य पुष्प सजावट।

रंग-बिरंगे ताजे फूलों से सजे दोनों मंदिरों की भव्यता ने लाखों श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पहली बार हुई इस पुष्प सजावट को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के जगन्नाथ भक्तों ने सराहा।

वैष्णो देवी में भी दे चुके हैं पुष्प सेवा

एंपल ग्रुप और एसजीबीएल इंडिया इससे पहले भी माता वैष्णो देवी मंदिर में वर्षों से स्वैच्छिक रूप से पुष्प सजावट सहित कई धार्मिक सेवाएं प्रदान करते रहे हैं। इसी अनुभव का लाभ 2019 में श्रीजगन्नाथ धाम की ऐतिहासिक पुष्प सजावट में भी देखने को मिला।

एसजीबीएल इंडिया के चेयरमैन ने साझा किया अनुभव

एसजीबीएल इंडिया के चेयरमैन एवं सन्मार्ग भुवनेश्वर के संपादक शंकर गुप्ता ने एक साक्षात्कार में बताया कि वर्ष 2019 में पहली बार भगवान जगन्नाथ के श्रीमंदिर और गुंडीचा मंदिर की पुष्प सजावट सेवा का अवसर मिलना उनके जीवन का अत्यंत सौभाग्यपूर्ण और आध्यात्मिक अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि इस सेवा में एंपल ग्रुप, दिल्ली के सहयोग से कार्य करना उनके लिए ईश्वर का आशीर्वाद है।

जगन्नाथ रथ यात्रा 2019 पुष्प सजावट

आज भी जारी है यह सेवा

वर्ष 2019 में शुरू हुई यह पुष्प सजावट सेवा अब रथ यात्रा का नियमित हिस्सा बन चुकी है। श्रीमंदिर प्रशासन प्रत्येक वर्ष इस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, जिससे लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के साथ फूलों से सजे दिव्य वातावरण का भी आनंद ले रहे हैं।

श्रद्धा, सेवा और परंपरा का सुंदर संगम

जगन्नाथ संस्कृति में सेवा का विशेष महत्व है। वर्ष 2019 में प्रारंभ हुई श्रीमंदिर और गुंडीचा मंदिर की पुष्प सजावट ने यह सिद्ध कर दिया कि परंपरा में नवाचार भी श्रद्धा और मर्यादा के साथ जोड़ा जा सकता है। आज यह सेवा रथ यात्रा की प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो चुकी है और भगवान जगन्नाथ के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण बन गई है।

2019 की पुष्प सजावट की मुख्य विशेषता:

वर्ष 2019 की इस ऐतिहासिक सेवा के दौरान बंगलोर, कोलकाता और दिल्ली से विशेष प्रकार के ताज़े और सुगंधित फूल जैसे गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा और कामिनी मँगवाए गए थे। इन फूलों से श्रीमंदिर और गुंडीचा मंदिर के मुख्य द्वारों तथा प्रांगण को सजाया गया था। इस सजावट ने न केवल पूरे मंदिर परिसर को सुगंधित और अलौकिक बना दिया, बल्कि दर्शन करने आए लाखों श्रद्धालुओं को एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया।

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