बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़ी बताई जा रही फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ एक बार फिर कानूनी विवाद के कारण चर्चा में है। फिल्म को लेकर सलमान खान ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है और इसकी रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। दूसरी ओर फिल्म के निर्माता अमित जानी की ओर से अदालत में कहा गया है कि फिल्म फिलहाल रिलीज के लिए तैयार नहीं है और उसे अभी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC से प्रमाणपत्र भी नहीं मिला है। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर 2026 को होनी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ‘काला हिरण’ को 1998 के काले हिरण शिकार मामले से जुड़ी घटनाओं और सलमान खान से संबंधित विवादों की पृष्ठभूमि वाली फिल्म के रूप में प्रचारित किया गया है। सलमान खान की ओर से अदालत में आपत्ति जताई गई है कि फिल्म के पोस्टर और प्रचार सामग्री में ऐसे संकेत और पहचान योग्य विशेषताओं का इस्तेमाल किया गया है, जिनसे दर्शक मुख्य किरदार को सीधे उनसे जोड़ सकते हैं। अभिनेता की कानूनी टीम ने इसे उनके personality rights, यानी नाम, पहचान, छवि और व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों के संदर्भ में चुनौती दी है।
यह विवाद अचानक सामने नहीं आया है। जुलाई 2026 में भी दिल्ली हाईकोर्ट के सामने फिल्म के टीजर और उससे जुड़े ऑनलाइन कंटेंट का मामला पहुंचा था। सलमान खान की ओर से दलील दी गई थी कि प्रचार सामग्री में उनकी पहचान से मिलती-जुलती विशेषताओं का इस्तेमाल किया गया है। अदालत ने उस समय टीजर और उससे संबंधित कुछ डिजिटल सामग्री को हटाने का निर्देश दिया था। इसके बाद फिल्म से जुड़े ऑनलाइन कंटेंट को लेकर विवाद और गहरा गया। हालिया सुनवाई में फिल्म के निर्माता की ओर से अदालत को बताया गया कि फिल्म अभी रिलीज के लिए तैयार स्थिति में नहीं है। निर्माता पक्ष के अनुसार फिल्म को अभी CBFC से प्रमाणपत्र नहीं मिला है और उसका ट्रेलर भी जारी नहीं किया गया है। अदालत ने निर्माता के इस बयान को रिकॉर्ड पर लिया और जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया। मामले को आगे की सुनवाई के लिए 30 सितंबर को सूचीबद्ध किया गया है।
सलमान खान की आपत्ति का मुख्य आधार यह है कि फिल्म और उसके प्रचार में ऐसे तत्व इस्तेमाल किए गए हैं जिनसे दर्शक फिल्म के किरदार को उनसे जोड़ सकते हैं। उनकी ओर से यह भी कहा गया है कि किसी वास्तविक व्यक्ति की पहचान और व्यक्तित्व विशेषताओं का इस्तेमाल करके व्यावसायिक फिल्म बनाना कानूनी सवाल खड़े कर सकता है। सलमान की ओर से फिल्म के कथित चित्रण और घटनाओं को लेकर भी आपत्तियां सामने आई हैं। हालांकि ये सभी दावे फिलहाल सलमान खान की ओर से रखे गए पक्ष का हिस्सा हैं और मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। यहां यह स्पष्ट करना भी जरूरी है कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार ‘काला हिरण’ को सलमान खान की आधिकारिक बायोपिक नहीं बताया गया है। विवाद मुख्य रूप से इस बात को लेकर है कि फिल्म में दिखाई जाने वाली घटनाओं, किरदार और प्रचार सामग्री को दर्शक किस हद तक सलमान खान से जोड़ सकते हैं और क्या इस तरह की पहचान का व्यावसायिक इस्तेमाल उनके अधिकारों को प्रभावित करता है। इसलिए इसे सीधे तौर पर ‘सलमान खान की बायोपिक’ कहना सही नहीं होगा। इसे सलमान खान से जुड़ी घटनाओं से प्रेरित या उनके संदर्भ वाली फिल्म के रूप में लिखना अधिक सावधानीपूर्ण होगा।

