मुंबई के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गेटवे ऑफ इंडिया पर नौका और निजी यॉट संचालकों को जल्द राहत मिल सकती है। यहां नौकाओं तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल होने वाले तैरते प्लेटफॉर्म यानी पॉन्टून का शुल्क मौजूदा लगभग ₹90 प्रति व्यक्ति से घटाकर ₹50 करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। इस संबंध में नौका संचालकों और मुंबई पोर्ट अथॉरिटी के बीच जारी विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत की जा रही है। हालांकि, शुल्क में कटौती का अंतिम निर्णय और इसे लागू करने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।
जेट्टी नंबर-5 बंद होने से बढ़ी परेशानी
गेटवे ऑफ इंडिया पर ताज महल पैलेस होटल के सामने स्थित जेट्टी नंबर-5 को संरचनात्मक सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण बंद कर दिया गया था। इसके बाद निजी नौका और यॉट संचालकों को अपनी नौकाओं तक पहुंचने के लिए शुल्क वाले पॉन्टून का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। पहले कई संचालक इस स्थान पर मौजूद पारंपरिक ढलानदार रास्ते का निःशुल्क उपयोग करते थे। अब अतिरिक्त शुल्क के कारण उनके परिचालन खर्च में बढ़ोतरी हुई है। नौका संचालकों का कहना है कि अतिरिक्त खर्च का असर पर्यटन सेवाओं की लागत पर भी पड़ सकता है। उनका तर्क है कि यदि शुल्क अधिक रहता है, तो छोटी नौका सेवाओं का संचालन आर्थिक रूप से मुश्किल हो सकता है। इसी विवाद के बीच शुल्क घटाकर ₹50 करने का प्रस्ताव सामने आया है। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर इस मामले में संबंधित पक्षों के बीच समझौता कराने के लिए मध्यस्थता कर रहे हैं।
पर्यटकों को क्या होगा फायदा?
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो पॉन्टून का प्रति व्यक्ति शुल्क लगभग ₹90 से घटकर ₹50 हो जाएगा। यानी इस मद में प्रति व्यक्ति करीब ₹40 की कमी हो सकती है। इससे नौका संचालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि शुल्क में कटौती होने पर नौका सवारी के टिकट की कीमतें भी कम होंगी या नहीं। पर्यटकों को वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब संचालक कम हुए खर्च का फायदा किराये में भी दें। गेटवे ऑफ इंडिया मुंबई के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां से पर्यटक समुद्री सैर और निजी नौका यात्राओं का आनंद लेते हैं। ऐसे में शुल्क और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा यह विवाद पर्यटन कारोबार के लिए महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा और शुल्क—दोनों पर फैसला जरूरी
इस मामले में केवल शुल्क कम करना ही पर्याप्त नहीं होगा। जेट्टी नंबर-5 की सुरक्षा, मरम्मत, नौकाओं तक यात्रियों की पहुंच और पॉन्टून के संचालन की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। नौका संचालकों ने जेट्टी बंद करने और शुल्क व्यवस्था को लेकर अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है। इसलिए आगे की स्थिति संबंधित अधिकारियों के निर्णय और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। फिलहाल स्थिति यह है कि पॉन्टून शुल्क ₹90 से ₹50 करने पर चर्चा चल रही है, लेकिन इसे लागू करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पर्यटकों को यात्रा से पहले संबंधित नौका संचालक से टिकट और अन्य शुल्क की जानकारी लेनी चाहिए।
