केंद्र सरकार की 20% इथेनॉल मिश्रित यानी E20 Petrol नीति के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली में जोरदार प्रदर्शन किया। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और समर्थकों ने प्रधानमंत्री आवास की तरफ मार्च निकाला।
E20 Petrol नीति का विरोध क्यों कर रही है AAP?
अरविंद केजरीवाल करीब 100 समर्थकों के साथ आम जनता से जुटाए गए 2.38 लाख से अधिक हस्ताक्षर वाले ज्ञापनों को लेकर पीएम आवास की ओर बढ़ रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि E20 पेट्रोल से वाहनों का माइलेज कम हो रहा है, इंजन में खराबी आ रही है और लोगों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
फ़िरोज़ शाह रोड पर पुलिस ने रोका, नेताओं का धरना
दिल्ली पुलिस ने बिना पूर्व अनुमति और सुरक्षा कारणों (धारा 163 लागू होने) का हवाला देते हुए इस मार्च को फ़िरोज़ शाह रोड के पास रोक दिया। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने की अनुमति न मिलने पर केजरीवाल और AAP के शीर्ष नेता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस ने सभी ज्ञापनों को अपने संरक्षण में लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
पंजाब विधानसभा में पारित हुआ प्रस्ताव
इसी बीच, पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने विधानसभा में E20 पेट्रोल के अनिवार्य इस्तेमाल के खिलाफ एक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया है। इसमें केंद्र से इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को अनिवार्य न बनाकर वैकल्पिक (optional) रखने और इसकी कीमतें घटाने की मांग की गई है।
मुख्य मांगें:
- आम जनता को सामान्य (Pure) पेट्रोल और E20 पेट्रोल में से चुनने का विकल्प दिया जाए।
- E20 पेट्रोल की दरों में कटौती की जाए।
- पुराने वाहनों के इंजन पर इथेनॉल के असर की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति बनाई जाए।
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