कल्याण (पश्चिम) स्थित के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय के हिन्दी विभाग के तत्वावधान में 16–17 जनवरी 2026 को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी अत्यंत गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। डॉ. विजय नारायण पंडित के कहानी संग्रह “बड़े भाग मानुष तन पावा” का लोकार्पण सम्पन्न, इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से पधारे प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, साहित्यकारों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों ने सक्रिय और उत्साहपूर्ण सहभागिता की। संगोष्ठी का उद्घाटन सत्र महाविद्यालय के अध्यक्ष एवं प्रख्यात साहित्यकार डॉ. विजय नारायण पंडित के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष प्रो.शीतला प्रसाद दुबे ने की। बीज वक्तव्य प्रो.मनोज सिंह (प्रोफेसर, हिन्दी विभाग, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय) द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें हिन्दी साहित्य के समकालीन विमर्श, सामाजिक सरोकारों और वैचारिक प्रवृत्तियों पर गहन एवं विचारोत्तेजक दृष्टि डाली गई। मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रेनू पृथियानी (अंचल निदेशक, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, मुंबई) की गरिमामयी उपस्थिति रही।





स्वागताध्यक्ष ओम प्रकाश (मुन्ना) पाण्डेय (सचिव, के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय) ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। प्रस्ताविकी डॉ. अनिता मन्ना (प्राचार्या, के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय) द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसमें संगोष्ठी के उद्देश्यों, वैचारिक पृष्ठभूमि एवं इसके अकादमिक महत्व को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंधन समिति के कांतिलाल जैन,डॉ. सुजीत सिंह एवं विजय तिवारी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। इस अवसर पर प्रो. ईश्वर पवार तथा प्रो. पुरुषोत्तम कुंदे विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। पूरे आयोजन का कुशल संचालन एवं प्रभावी आभार प्रदर्शन डॉ. मनीष कुमार मिश्रा (हिन्दी विभाग, के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय) द्वारा किया गया। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी की सफलता ने के. एम. अग्रवाल महाविद्यालय को राष्ट्रीय अकादमिक मानचित्र पर एक सशक्त एवं प्रतिष्ठित पहचान प्रदान की।

