महाराष्ट्र के हरे-भरे पश्चिमी घाटों के बीच बसा अंबोली एक छिपा हुआ रत्न है। यह रोमांच चाहने वालों के लिए शांति के साथ-साथ कई रोमांचक अनुभव भी देता है। यह सुंदरता और रोमांच का एक सही मिश्रण है जहां झरने, घने जंगल और दुसरा जीवन देखने को मिलता है। अंबोली घाट में स्थित यह झरने सुंदर परिवेश में यह रोमांचक अनुभव देते हैं जो चुनौतियों के साथ-साथ शानदार नजारा भी देते हैं।
अंबोली महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग ज़िले (कॉनकण क्षेत्र) में सह्याद्री की पहाड़ियों पर बसा हुआ एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। इसे अक्सर ‘महाराष्ट्र का चेरापूंजी’ कहा जाता है, क्योंकि यहाँ सालभर में लगभग ७,०००–८,००० मिमी तक बारिश होती है।
अंबोली की प्रमुख विशेषताएँ
हरी-भरी वादियाँ
मॉनसून के मौसम में अंबोली पूरी तरह से हरी चादर ओढ़ लेता है। बादलों का खेल और धुंध से घिरी घाटियाँ इसे बेहद रोमांटिक और शांत बनाती हैं।
झरने (ेंaूीfaत्त्े)
अंबोली वॉटरफॉल यहाँ का सबसे प्रसिद्ध आकर्षण है। बरसात में यह झरना पूरे शबाब पर होता है और सैकड़ों सैलानी यहाँ पिकनिक व फोटोग्राफी के लिए आते हैं।
जैव विविधता (ँग्द्ग्न्ीेग्ूब्)
यहाँ कई दुर्लभ प्रजातियों के मेढक, कीट, तितलियाँ और पक्षी पाए जाते हैं।नेचर लवर्स और फोटोग्राफ़र्स के लिए यह एक ‘बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट’ है।
घुमने योग्य स्थान
अंबोली झरना – सबसे बड़ा आकर्षण।
मधुबन झरना और नांगर्तस झरना – प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर।
महादेवगढ़ व नागट्टस पॉइंट – घाटियों का विहंगम दृश्य देखने के लिए।
हिरण्यकेशी मंदिर – यहाँ एक गुफ़ा से नदी का उद्गम होता है।
मौसम
अंबोली सालभर ठंडा और सुहावना रहता है। अगस्त से अक्टूबर का समय यहाँ घूमने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है, क्योंकि इस समय झरने और हरियाली अपने चरम पर होते हैं।
कैसे पहुँचे
रेलवे स्टेशन: सावंतवाड़ी (लगभग ३० किमी)
हवाई अड्डा: गोवा (डाबोलिम एयरपोर्ट, लगभग १०० किमी)
सड़क मार्ग: पुणे और मुंबई से अंबोली तक बस और टैक्सी सेवाएँ उपलब्ध हैं।
कुल मिलाकर, अंबोली प्रकृति प्रेमियों, ट्रैकिंग करने वालों और बारिश का असली मज़ा लेने वालों के लिए एक स्वर्ग जैसा स्थान है।
नागट्टस पॉइंट
गहरी खाई और दूर तक फैली हरियाली। झरनों और बादलों का अद्भुत संगम। बरसात के समय बादल इतनी नज़दीक आ जाते हैं कि घाटी ढक जाती है।
कैसे पहुँचे:
यह पॉइंट अंबोली से लगभग १० किमी दूर है। सड़क अच्छी है और लोकल टैक्सी/ऑटो से पहुँचा जा सकता है।
टिप्स:
यहाँ रेलिंग और सुरक्षा व्यवस्था है, लेकिन बच्चों को संभालकर रखें। सबसे अच्छा दृश्य सुबह या शाम को मिलता है।
सनसेट पॉइंट
डूबते सूरज की सुनहरी किरणें घाटी पर पड़ती हैं। आसमान के लाल–नारंगी रंग और दूर पहाड़ियाँ बेहद मनोहारी लगती हैं।
कैसे पहुँचे:
यह पॉइंट अंबोली–सावंतवाड़ी रोड पर ही है, गांव से ३–४ किमी दूर। लोकल ऑटो या टैक्सी से जाया जा सकता है।
टिप्स:
सूर्यास्त का समय पहले से देख लें (मौसम के अनुसार बदलता है)। मॉनसून में बादल छा जाते हैं, तो साफ दिन पर ही जाना बेहतर है।
कवलशेत पॉइंट
तेज़ हवा के कारण पानी ऊपर की ओर उड़ता है — यह दृश्य अनोखा और रोमांचक होता है। घाटी का दृश्य + बादल + पानी का ऊपर उड़ना इसे सबसे अनोखा बनाता है।
कैसे पहुँचे:
यह अंबोली गांव से लगभग १०–१२ किमी दूर है। सड़क अच्छी है, लेकिन बरसात में गीली और फिसलन भरी हो सकती है।
टिप्स:
केवल बरसात के मौसम (जुलाई–सितंबर) में ही यह नज़ारा मिलता है। सुरक्षा के लिहाज़ से रेलिंग के बाहर बिल्कुल न जाएं
हिरण्यकेशी मंदिर
गुफा से निकलती नदी और पास में भगवान शिव का प्राचीन मंदिर। यहाँ वातावरण बहुत शांत और आध्यात्मिक है। नदी किनारे बैठना ध्यान और विश्राम के लिए आदर्श है।
कैसे पहुँचे:
यह अंबोली गांव से लगभग ५–६ किमी की दूरी पर है। सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है।
टिप्स: यहाँ जूते उतारकर ही मंदिर में प्रवेश करें। बरसात के समय नदी के पास पानी तेज़ होता है, दूरी बनाए रखें।
हिरण्यकेशी मंदिर
गुफा से निकलती नदी और पास में भगवान शिव का प्राचीन मंदिर। यहाँ वातावरण बहुत शांत और आध्यात्मिक है। नदी किनारे बैठना ध्यान और विश्राम के लिए आदर्श है।
कैसे पहुँचे:
यह अंबोली गांव से लगभग ५–६ किमी की दूरी पर है। सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है।
टिप्स: यहाँ जूते उतारकर ही मंदिर में प्रवेश करें। बरसात के समय नदी के पास पानी तेज़ होता है, दूरी बनाए रखें।
अंबोली झरना
बरसात में यह झरना पूरे शबाब पर होता है।
आसपास घना जंगल और झरने से गिरती ठंडी बूँदें मन को भिगो देती हैं। नज़दीक से देखने पर इंद्रधनुष जैसी झलक भी बन जाती है।
कैसे पहुँचे:
यह झरना सावंतवाड़ी–अंबोली हाईवे पर ही है। अंबोली बस स्टैंड से मात्र ३–४ किमी दूरी पर है।
टिप्स: बरसात में यहाँ बहुत भीड़ होती है, भीड़ से बचने के लिए सुबह जल्दी पहुँचना अच्छा है। झरने के पास सड़क गीली और फिसलन भरी होती है, सावधानी रखें।
महादेवगढ़ पॉइंट
घाटियों का पैनोरमिक व्यू। धुंध और बादलों के बीच पहाड़ियों का लाजवाब दृश्य। शांति और नेचर फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन जगह।
कैसे पहुँचे:
यह पॉइंट अंबोली गांव से लगभग २ किमी की दूरी पर है। सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है।
टिप्स:
बरसात में यहाँ गाड़ियाँ पार्क करने के बाद थोड़ा पैदल चलना पड़ सकता है। चाय–भुट्टा की छोटी-छोटी दुकानें पास में मिल जाती हैं।

