हिंदी सिनेमा के चर्चित अभिनेता Pradeep Rawat (प्रदीप रावत) का मंगलवार शाम 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया… वह पिछले कई वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे। कुछ समय पहले उन्होंने इस गंभीर बीमारी को मात भी दे दी थी, लेकिन करीब डेढ़ महीने पहले कैंसर दोबारा लौट आया। इलाज के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और मंगलवार शाम लगभग 6 से 6:30 बजे के बीच उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनके मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने की है। बुधवार को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रदीप रावत के निधन की खबर सामने आते ही बॉलीवुड, टॉलीवुड और टीवी जगत में शोक की लहर दौड़ गई। अभिनेता यशपाल शर्मा सहित कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। प्रशंसकों ने उन्हें भारतीय सिनेमा का ऐसा कलाकार बताया, जिसने खलनायक के किरदारों को एक नई पहचान दी
गजनी’ का खौफनाक विलेन बन घर-घर में मशहूर हुए Pradeep Rawat
हालांकि प्रदीप रावत ने अपने करियर में सैकड़ों किरदार निभाए, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘गजनी’ में निभाए गए खतरनाक विलेन के किरदार से मिली। उन्होंने पहले तमिल संस्करण और बाद में हिंदी रीमेक दोनों में अपनी दमदार अदाकारी से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। उनके सशक्त संवाद, प्रभावशाली व्यक्तित्व और आक्रामक अभिनय ने उन्हें बॉलीवुड के यादगार खलनायकों की सूची में शामिल कर दिया।
‘लगान’ से लेकर ‘सरफरोश’ तक छोड़ी अभिनय की अमिट छाप
प्रदीप रावत (Pradeep Rawat) ने केवल खलनायक ही नहीं, बल्कि हर तरह के किरदारों में अपनी अभिनय क्षमता साबित की। ‘लगान’ में उन्होंने देवा सिंह सोढ़ी का दमदार किरदार निभाया, जबकि ‘सरफरोश’, ‘कोयला’, ‘द हीरो: लव स्टोरी ऑफ ए स्पाई’, ‘सिंह इज़ ब्लिंग’, ‘ग्रैंड मस्ती’ और हाल के वर्षों में ‘छावा’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने प्रभावशाली भूमिकाएं निभाईं। हिंदी के अलावा तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, भोजपुरी और नेपाली फिल्मों में भी उनका लंबा और सफल करियर रहा।
‘महाभारत‘ के अश्वत्थामा को भी नहीं भूल पाएंगे दर्शक
सिनेमा में आने से पहले प्रदीप रावत (Pradeep Rawat) ने बी.आर. चोपड़ा के ऐतिहासिक टीवी धारावाहिक ‘महाभारत’ में अश्वत्थामा की भूमिका निभाई थी। उस दौर में दूरदर्शन पर प्रसारित इस धारावाहिक ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। बाद में फिल्मों में उन्होंने अपनी अलग जगह बनाई और नकारात्मक भूमिकाओं के लिए दर्शकों की पहली पसंद बन गए।
चार दशक से अधिक का शानदार फिल्मी सफर
मध्य प्रदेश के जबलपुर में जन्मे प्रदीप रावत ने 1980 के दशक में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। चार दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने 100 से ज्यादा फिल्मों और कई टीवी धारावाहिकों में काम किया। दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी उन्होंने कई यादगार नकारात्मक किरदार निभाए और अनेक पुरस्कार अपने नाम किए। उनके अभिनय की खासियत यह थी कि छोटे से छोटे किरदार को भी वह अपनी प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस से यादगार बना देते थे।
फैंस और सह-कलाकारों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
प्रदीप रावत के निधन से मनोरंजन जगत में गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस उनके प्रसिद्ध संवादों और तस्वीरों को शेयर करके उन्हें याद कर रहे हैं। उनके सह-कलाकारों का कहना है कि वे न केवल एक बेहतरीन अभिनेता थे, बल्कि सेट पर बहुत ही विनम्र और सहयोगी इंसान भी थे। भारतीय सिनेमा में उनके द्वारा निभाए गए खलनायक के किरदारों को हमेशा याद रखा जाएगा।
प्रदीप रावत की प्रमुख फिल्में (Top Movies)
प्रदीप रावत ने अपने चार दशक लंबे अभिनय सफर में बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय फिल्मों में कई बेहतरीन किरदार निभाए। उनकी मुख्य फिल्मों में ‘गजनी’ (हिंदी और तमिल), ‘लगान’, ‘सरफरोश’, ‘कोयला’, ‘द हीरो: लव स्टोरी ऑफ ए स्पाई’, ‘सिंह इज़ ब्लिंग’, ‘ग्रैंड मस्ती’ और हालिया रिलीज ‘छावा’ शामिल हैं। तेलुगु सिनेमा में भी उनके विलेन के किरदारों को काफी सराहा गया।
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