
उन्होंने रविवार (11 फरवरी) को कहा कि अयोध्या में जिस तरह से पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत राम मंदिर का निर्माण किया गया है, उसी तरह से श्री कृष्ण के जन्मस्थान का भी विकास होना चाहिए. फडणवीस ने कहा कि चाहे मथुरा हो, काशी हो या फिर अयोध्या, ये सभी हमारे लिए बेहद पवित्र स्थान हैं. डिप्टी सीएम फडणवीस ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि लोग उम्मीद करते हैं कि जैसे अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण किया गया है, वैसे ही मथुरा में भगवान कृष्ण जन्मभूमि का निर्माण भी पूरे सद्भाव और कानून के तहत होना चाहिए.
‘पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत हुआ राम मंदिर निर्माण’
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भगवान राम के मंदिर का निर्माण पूरी कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत किया गया है. फडणवीस ने यह भी कहा कि मथुरा में जहां शाही ईदगाह मस्जिद है, उस जगह पर कुछ हिंदू संगठनों की ओर से भगवान कृष्ण का जन्मस्थान होने का दावा किया है. इस दावे के चलते अब नए सिरे से कृष्ण मंदिर के निर्माण की मांग की जा रही है.
हिंदूवादी संगठनों का दावा है कि शाही ईदगाह मस्जिद (Shahi Idgah mosque) केशव
देव मंदिर (Kesava Deo temple) की वास्तविक स्थान पर बनाई गई थी. यह स्थान भगवान कृष्ण के जन्मस्थान को चिह्नित करता है. संगठनों का यह भी दावा है कि 17वीं शताब्दी में मुगल बादशाह औरंगजेब के शासनकाल के दौरान भगवान कृष्ण के मंदिर को नष्ट कर दिया गया था.

