ताजा खबरें
February 5, 2026

सर्दियों में बच्चों की देखभाल


१. ़ज्यादा कपड़े मतलब ़ज्यादा सुरक्षा यह मूर्खता है। बच्चे को इतना ढक देना कि उसे पसीना आने लगे—पसीना ठंड में बदलते ही सर्दी-खांसी पक्की।
तो
१ परत अंदर (कॉटन)
१–२ परत ऊपर (ऊन/स्वेटर)
सिर, कान और पैर ज़रूर ढके हों
बस। ओवरड्रेसिंग मत कीजिए।


२. ठंडी हवा से डराइए नहीं, समझदारी से बचाइए
बच्चे को बिल्कुल बंद कमरे में रखना भी गलत है। हवादार कमरा चाहिए, सीधी ठंडी हवा नहीं।
सुबह की धूप में १५–२० मिनट
बंद कमरे में हीटर चल रहा हो तो खिड़की थोड़ी खुली रहे, ऑक्सीजन कम करना बीमारी को बुलाना है।


३. नहलाना बंद करना बड़ी गलती
कई माता-पिता सर्दियों में नहलाना कम कर देते हैं। नतीजा—स्किन इन्फेक्शन, खुजली, रैश।
सही तरीका:
गुनगुना पानी
दोपहर में नहलाएँ
तुरंत सुखाकर कपड़े पहनाएँ
हफ्ते में ४–५ बार नहाना ज़रूरी है।


४. तेल मालिश: दिखावा नहीं, ज़रूरत
मालिश सिर्फ़ परंपरा नहीं, वैज्ञानिक रूप से सही है। यह शरीर गर्म रखती है और त्वचा सूखने से बचाती है।
सरसों/नारियल तेल
नहलाने से पहले हल्की मालिश
ज़ोर-ज़ोर से दबाना बेवकूफी है


५. सर्दियों का खाना: भारी नहीं, ताक़तवर
बच्चों को सिर्फ़ ‘गरम चीज़ें’ खिलाने का जुनून गलत है।
ज़रूरी चीज़ें:
दूध (रात को ़ज्यादा नहीं)
घी की सीमित मात्रा
सूखे मेवे पाउडर में
मौसमी सब्ज़ियाँ (गाजर, पालक)
जबरदस्ती ठूँसना पाचन खराब।


६. पानी कम पिलाना नुकसान करता है
सर्दियों में प्यास कम लगती है,
लेकिन शरीर को पानी उतना ही चाहिए।
गुनगुना पानी थोड़ी-थोड़ी देर में
डिहाइड्रेशन से इम्यूनिटी गिरती है।


७. खांसी-जुकाम को ‘सामान्य’ समझकर मत छोड़िए
हर सर्दी मामूली नहीं होती।
अगर ३ दिन में सुधार नहीं तो डॉक्टर दिखाइए
घरेलू नुस्खों का ओवरडोज़ मत दीजिए
एंटीबायोटिक खुद से बिल्कुल नहीं
सबसे बड़ी गलती जो माता-पिता करते हैं
डर में जीना। हर छींक पर घबराना और हर सलाह मान लेना।
बच्चों को बीमारी से नहीं,
गलत देखभाल से ़ज्यादा नुकसान होता है।

Read Also: स्मार्टफोन की लत में फंसे बच्चे…

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *