युद्ध का असर रसोई तक

LPG की किल्लत, ब्लैक मार्केट में दोगुनी कीमत पर बिक रहे सिलेंडर

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और **Iran–Israel संघर्ष में **United States की सक्रियता का असर अब भारत के घरेलू बाजार तक पहुंचने लगा है। LPG की किल्लत, ब्लैक मार्केट में दोगुनी कीमत पर बिक रहे सिलेंडर, देश के कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से गैस की किल्लत बढ़ रही है। हालात यह हैं कि गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं, जबकि दूसरी ओर ब्लैक मार्केटिंग भी तेज हो गई है। कई जगहों पर घरेलू सिलेंडर तय कीमत से लगभग दोगुने दाम पर बेचे जा रहे हैं। वहीं कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें तो काले बाजार में चार हजार रुपये तक पहुंच गई हैं।

बिहार: ₹900 का सिलेंडर ₹1800 तक

Bihar के कई शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी देखी जा रही है। सरकारी दर लगभग 900 रुपये होने के बावजूद, कालाबाजार में यही सिलेंडर 1500 से 1800 रुपये तक में बेचा जा रहा है। उपभोक्ताओं को मजबूरी में महंगे दामों पर गैस खरीदनी पड़ रही है।

मध्य प्रदेश: कॉमर्शियल सिलेंडर ₹4000 में

Madhya Pradesh की राजधानी Bhopal में स्थिति और गंभीर है। यहां लगभग 1918 रुपये का कॉमर्शियल सिलेंडर ब्लैक मार्केट में 4000 रुपये तक में बिक रहा है। एक स्थानीय जांच में सामने आया कि शहर के बरखेड़ा पठानी इलाके में गैस एजेंसी के आसपास खुलेआम दलालों के माध्यम से महंगे दामों पर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं।

उत्तराखंड: रेस्टोरेंट के मेन्यू से 70% आइटम गायब

Uttarakhand में गैस सप्लाई रुकने से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग भी प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर रसोई में गैस की जगह इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। गैस की कमी के कारण कुछ रेस्टोरेंट्स ने अपने मेन्यू से लगभग 70 प्रतिशत फूड आइटम हटा दिए हैं।

कानून लागू, फिर भी जारी कालाबाजारी

सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए Essential Commodities Act लागू किया है, जिसके तहत आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। लेकिन जमीनी स्तर पर इसका खास असर दिखाई नहीं दे रहा। सूत्रों के अनुसार इस अवैध कारोबार में गैस एजेंसियों के कुछ कर्मचारी, स्थानीय दलाल और अवैध रिफिलिंग करने वाले लोग भी शामिल हैं, जो कमी का फायदा उठाकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।

आम लोगों की बढ़ती परेशानी

रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और कमी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट संचालक भी गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। यदि आपूर्ति की स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गहराने की आशंका जताई जा रही है।

मुंबई में क्या हालात हैं

1. सिलेंडर मिलने में देरी
कई गैस एजेंसियों पर बुकिंग के बाद सिलेंडर आने में 2 से 8 दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है। पहले जहाँ 24–48 घंटे में डिलीवरी हो जाती थी, अब सप्लाई चेन प्रभावित होने से देरी बढ़ गई है।

2. रेस्टोरेंट और होटल सबसे ज्यादा प्रभावित
मुंबई में कॉमर्शियल LPG की कमी से लगभग 20% होटल और रेस्टोरेंट बंद या आधे संचालन में आ गए हैं। कई जगह गैस खत्म होने के कारण रसोई बंद करनी पड़ी।

  • कई रेस्टोरेंट ने मेन्यू कम कर दिया
  • कुछ ने केवल सीमित व्यंजन रखना शुरू किया
  • कुछ छोटे होटल अस्थायी रूप से बंद हो गए

3. ब्लैक मार्केट भी शुरू
जहाँ सामान्य कॉमर्शियल सिलेंडर लगभग ₹1800 के आसपास पड़ता है, वहीं मुंबई में कुछ जगहों पर यही सिलेंडर ₹3000 तक में बेचा जा रहा है।

4. धobi घाट और छोटे कारोबार प्रभावित
मुंबई के बड़े धobi घाटों में भी LPG की कमी से कपड़े सुखाने की मशीनें बंद होने लगी हैं और कई लोगों को महंगे दाम पर सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है।

5. घरेलू सिलेंडर की कीमत
अभी 14.2 किलो घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत मुंबई में लगभग ₹912.50 है, लेकिन सप्लाई पर दबाव बना हुआ है।

असली वजह

भारत अपनी LPG का लगभग 60% आयात करता है, और इसका बड़ा हिस्सा मध्य-पूर्व से आता है। अगर Strait of Hormuz क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो सप्लाई चेन तुरंत प्रभावित हो जाती है।

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