यूपी बिहार में आंधी बारिश और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने भीषण तबाही मचाई है। यूपी-बिहार में कुदरत का तांडव, कई दिनों से जारी जानलेवा गर्मी और लू के बीच अचानक बदले इस मौसम ने जहां एक तरफ तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है, वहीं दूसरी तरफ आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी तबाही हुई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण दोनों राज्यों में अब तक कुल 48 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई अन्य राज्य भी इसकी चपेट में हैं। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।
उत्तर प्रदेश में हाहाकार: सहारनपुर में गाड़ियां बहीं और हमीरपुर में पुल गिरा
उत्तर प्रदेश में चक्रवाती तूफान ने सबसे ज्यादा कहर ढहाया है, जहां अलग-अलग हादसों में 34 लोगों की मौत हो चुकी है। सहारनपुर के प्रसिद्ध सिद्धपीठ शाकंभरी देवी मंदिर क्षेत्र में पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी नदी में अचानक भयंकर बाढ़ आ गई। पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें दो महिला श्रद्धालुओं की डूबने से मौत हो गई और वहां खड़ी 10 से अधिक गाड़ियां और ट्रैक्टर पानी के तेज बहाव में बह गए। इसके अलावा, हमीरपुर के ललपुरा इलाके में बेतवा नदी पर बन रहा 90 करोड़ की लागत का एक निर्माणाधीन पुल तेज आंधी के दबाव को झेल नहीं सका और उसका एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया, जिसके मलबे में दबने से 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। राज्य के अन्य जिलों जैसे प्रयागराज, फतेहपुर और बांदा में भी बिजली गिरने और दीवारें ढहने से कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
बिहार में थमी रफ्तार: 107 किमी की स्पीड से चली हवाएं, हवाई सेवाएं ठप
पड़ोसी राज्य बिहार में भी शुक्रवार को आए इस तूफान ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। राजधानी पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में 107 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलीं, जिससे वज्रपात और पेड़ गिरने के कारण 14 लोगों की मौत हो गई। इस खराब मौसम और बेहद कम विजिबिलिटी का सबसे बुरा असर हवाई यातायात पर पड़ा। पटना के जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आने वाली 4 फ्लाइट्स को आपातकालीन स्थिति में वाराणसी और कोलकाता जैसे नजदीकी एयरपोर्ट्स पर डायवर्ट करना पड़ा, जबकि 18 से अधिक उड़ानें अपने तय समय से घंटों लेट रहीं। शहर के वीवीआईपी इलाकों में दशकों पुराने विशाल पेड़ उखड़कर सड़कों और गाड़ियों पर गिर गए, जिससे घंटों तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।
पंजाब में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान और सरकारों का एक्शन
इस मौसमी सिस्टम का असर पंजाब और हरियाणा में भी देखा गया, जहां बठिंडा और लुधियाना जैसे क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि हुई। अचानक गिरे ओलों के कारण खेतों में खड़ी और मंडियों में रखी किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। दिल्ली-NCR में भी धूल भरी आंधी के साथ हुई बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत तो दी, लेकिन कई जगह बिजली के खंभे उखड़ने से बत्ती गुल रही। इस आपदा पर संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। यूपी सरकार ने मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये और बिहार सरकार ने 4-4 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता देने का एलान किया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह मौसमी सिस्टम अगले 48 घंटों तक सक्रिय रह सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
Read Also: नारीशक्ति या दिखावा? महिला आरक्षण की सच्चाई

