
National Film Awards: बड़ी खबर थी, National Film Awards: राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से हटे इंदिरा गांधी और नरगिस के नाम लेकिन आम लोगों को ढंग से पता तक नहीं चल पाया कि इंदिरा गांधी के साथ साथ नरगिस के नाम पर दिए जाने वाले राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से उनका नाम भी हटा दिया गया है। दिलचस्प बात है कि ना तो कांग्रेस ने ही कोई नाराजगी जताई और ना ही नरगिस के परिवार से किसी ने ऐतराज किया। माना जा रहा है कि दोनों ही पक्ष बखूबी समझते हैं कि इस पर नाराजगी जताएंगे तो सरकार व सत्तारूढ़ भाजपा कांग्रेस और गांधी परिवार से नरगिस-सुनीत दत्त के रिश्तों पर इतने तीर फेंक देगी कि जवाब देना तो दूर बचाव भी मुश्किल हो जाएगा। कभी ऋषि कपूर गांधी-नेहरू परिवार के नाम पर योजनाओं, सड़कों, पुलों, स्टेडियमों, एयरपोर्ट्स आदि की लम्बी सूची लिए घूमते थे। तभी से कांग्रेस तो बैकफुट पर ही थी। ऊपर से एक बार भी नरगिस दत्त के बेटे संजय दत्त या उनकी दोनों बहनों ने सवाल उठाया तो गांधी परिवार से जुड़े उनके मां-बाप के किस्सों की लाइन लग जाएगी और जाहिर है उनमें से से कुछ अच्छे नहीं हैं।
पहले जान लें कि मोदी सरकार ने इस ताजा फैसले में क्या क्या किया है। दरअसल मोदी सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय ने अतिरिक्त सचिव की अगुवाई में एक कमेटी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को लेकर बनाई थी। उसने अपनी अनुशंसा में ना केवल नरगिस व इंदिरा गांधी दोनों के ही नाम पर बने पुरस्कारों का नाम बदल दिया है बल्कि कुछ का स्वरूप भी बदलने को कहा है। साथ ही कई पुरस्कारों के साथ मिलने वाली धनराशि चार गुना तक बढ़ा दी गई है।