
एशियाई कप फुटबॉल के नॉकआउट चरण में पहुंचने का भारत का इंतजार और लंबा हो गया जब आखिरी ग्रुप मैच में सीरिया से ०-१ से हारकर टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। स्थानापन्न खिलाड़ी उमर खरिबिन ने ७६वें मिनट में गोल दागकर सीरिया को नॉकआउट की दौड़ में बनाए रखा है। भारत चार टीमों के ग्रुप बी में तीनों मैच हारकर और एक भी गोल किए बिना आखिरी स्थान पर रहा। यह मैच करिश्माई कप्तान सुनील छेत्री का आखिरी एशियाई कप भी था जो २०११ और २०१९ में भी खेल चुके हें। छेत्री ने दोनों बार दो दो गोल किए थे।
एएफसी एशियन कप में मंगलवार (२३ जनवरी) को भारतीय फुटबॉल टीम सीरिया के खिलाफ हार गई। टीम का ग्रुप में यह तीसरा और आखिरी मुकाबला था। सीरिया ने उसे १-० से हरा दिया। इस हार के साथ ही भारतीय टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। वह ग्रुप-बी में सबसे नीचे चौथे स्थान पर रही। टीम इंडिया को एक भी जीत नहीं मिली। सीरिया के लिए मैच का इकलौता गोल मर खरिबीन ने किया। भारत को टूर्नामेंट में बने रहने के लिए विश्व की ९१ नंबर की टीम सीरिया को हर हाल में हराना था। ड्रॉ और हार के साथ १०२ रैकिंग वाले भारत की टूर्नामेंट से विदाई हो जाती। जिसका डर था वही हुआ। टीम इंडिया मैच में हार गई। प्रशंसकों के लिए सबसे दुख की बात यह रही कि टीम टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं कर सकी।
सभी ग्रुपों की शीर्ष दो टीमें को अंतिम-१६ में प्रवेश मिलेगा, जबकि ग्रुप में तीसरे स्थान पर रहने वाली श्रेष्ठ चार टीमें भी अंतिम-१६ में प्रवेश करेंगी। तीन मैचों में छह गोल खाने वाली भारतीय टीम का गोल औसत बेहद खराब रहा। भारत टीम सीरिया को अब तक तीन बार हरा चुकी है। उसने २००७, २००९ और २०१२ में इस टीम के खिलाफ नेहरू कप में जीत हासिल की थी। २०१९ में इंटरकांटिनेंटल कप में दोनों के बीच मुकाबला १-१ से ड्रॉ हुआ था। इस बार उम्मीद थी कि टीम इंडिया चमत्कार करेगी, लेकिन निराशा हाथ लगी। इस टूर्नामेंट में सीरिया ने उज्बेकिस्तान से ०-० से ड्रॉ खेला और ऑस्ट्रेलिया से उसे ०-१ से हार मिली। वहीं, भारत को उसने १-० से हराया। दूसरी ओर, भारतीय टीम को पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया ने २-० से हराया था। उज्बेकिस्तान ने उसे ३-० से परास्त कर दिया था। आखिरी मैच में सीरिया के खिलाफ शिकस्त मिली।