
कांग्रेस से निष्कासित नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने रविवार को अपने निष्कासन पर मीडिया से बात की। Congress से निकाले जाने पर Acharya Pramod Krishnam ने दी प्रतिक्रिया में कहा, ‘मुझे कल रात कई न्यूज चैनलों के माध्यम से ये जानकारी मिली की कांग्रेस पार्टी ने एक चिट्ठी जारी की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण आचार्य प्रमोद कृष्णम को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया जाता है। सबसे पहले मैं कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझे कांग्रेस से मुक्ति देने का फरमान जारी किया।’ कृष्णम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केसी वेणुगोपाल और मल्लिकार्जुन खरगे से पूछा कि उनकी कौन सी गतिविधिया थी, जो पार्टी के विरोध में थीं। भगवान राम का नाम लेना पार्टी विरोधी है?
कांग्रेस ने अनुशासनहीनता के आरोप में शनिवार (11 फरवरी) को आचार्य प्रमोद कृष्णम को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया. कांग्रेस से निष्कासित किए जाने के बाद आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पहली प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ‘राम और राष्ट्र’ पर समझौता नहीं किया जा सकता.
आचार्य प्रमोद कृष्णम कांग्रेस में रहते हुए पार्टी विरोधी बयान देते थे. इसके के चलते कांग्रेस ने उन पर यह कार्रवाई की है. हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर ‘श्री कल्कि धाम’ के शिलान्यास समारोह के लिए उन्हें आमंत्रित किया था.
राम मंदिर पर पार्टी लाइन से अलग बयान
प्रमोद कृष्णम ने राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में कांग्रेस के शामिल न होने के हाईकमान के फैसले पर सवाल उठाए थे और अपनी ही पार्टी की आलोचना की थी. वहीं, उन्होंने लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने के भारत सरकार के फैसले समर्थन किया था. उन्होंने कहा, “लालकृष्ण आडवाणी इतने वरिष्ठ हैं, इतने बुज़ुर्ग हैं. उन्होंने देश की इतनी सेवा की है. उन्हें भारत रत्न मिल रहा है, मैं पीएम मोदी का धन्यवाद करता हूं.”

