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Battle for NCP: सुप्रीम कोर्ट पहुंची NCP के नाम और चुनाव चिन्ह की लड़ाई

Fight For Real NCP: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के चुनाव चिन्ह और दल के नाम की लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंच गई है. अजित पवार गुट ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की है. इसी के साथ उन्होंने सुनवाई की मांग की है कि क्या शरद पवार गुट असली NCP घोषित किए जाने वाले चुनाव आयोग के आदेश को चुनौती दे रहा है. चुनाव आयोग के फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा थी कि आज यानी बुधवार को शरद पवार चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं. हालांकि उनसे पहले ही अजित पवार गुट सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया और कैविएट दाखिल भी कर दिया. मंगलवार को चुनाव आयोग ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का नाम और चुनाव चिन्ह ‘घड़ी’ अजित पवार गुट को सौंपने का फैसला सुनाया था. अजित पवार ने NCP के एक धड़े को तोड़कर महाराष्ट्र में सरकार बना ली थी. हालांकि इसका पुराना धड़ा ये दावा करता रहा था कि शरद पवार गुट की पार्टी ही असली NCP है. हालांकि चुनाव आयोग का फैसला अजित पवार के पक्ष में गया. चुनाव आयोग के फैसले की आलोचना करते हुए शरद पवार गुट के नेताओं ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात भी कही थी. पाटिल का कहना था, ”शरद पवार जहां भी जाते हैं, NCP उनके साथ जाती है. यह फैसला सही नहीं है. चुनाव आयोग का फैसला शीर्ष अदालत में नहीं टिकेगा, हमें स्थगन मिलने का भरोसा है.” उन्होंने कहा कि 25 साल पहले शरद पवार ने NCP का गठन किया था और 28 राज्यों में अपनी मौजूदगी से अब यह राष्ट्रीय पार्टी बन गई है. पाटिल ने कहा, ‘हालांकि, फैसला केवल विधायकों की संख्या के आधार पर लिया गया है, जो हमारे और शरद पवार के साथ सरासर अन्याय है. हम शीर्ष अदालत का रुख कर रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले उसका फैसला आ जाएगा.’

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