जमीन घोटाला मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। प्रदेश में कथित तौर पर राजनीतिक अस्थिरता का माहौल गहराने लगा है। इसी बीच CM हेमंत सोरेन के दिल्ली आवास पर पूछताछ करने पहुंची टीम को सोमवार शाम निराशा हाथ लगी। ईडी के अधिकारी सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल नहीं कर सके, क्योंकि पूरे दिन इंतजार करने के बावजूद मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी।
इस वक्त झारखंड की राजधानी रांची से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया गया है. सूत्रों के अनुसार ईडी की टीम ने करीब 7 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद सीएम हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद सीएम आवास, राजभवन, बीजेपी कार्यालय समेत रांची के अलग-अलग इलाकों में सुरक्षा भी बढ़ा दी गयी है. सूत्रों के अनुसार अब तक के पूछताछ में ED के अधिकारी हेमंत सोरेन के जवाब से संतुष्ट नहीं है. हेमन्त सोरेन ने अब तक के पूछताछ में सिर्फ हा ना में जवाब दिया है. ED के अधिकारियों ने हेमन्त सोरेन से 40 से ज्यादा सवाल पूछ गए हैं. हेमन्त सोरेन कई सवालों को सुनने के बाद ED अधिकारियों पर झल्ला गए. इस बीच रांची के कई इलाकों में धारा 144 लागू है. सीएम हाउस के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है वहीं माइकिंग भी की जा रही है. हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद उनकी पत्नी यानि कल्पना सोरेन की सीएम बनाने की चर्चा तेज हो गयी है. वहीं कल्पना सोरेन के अलावा चंपई सोरेन के सीएम बनाने की भी बात कही जा रही है. हालांकि जेएमएम प्लान बी पर भी काम कर रहा है. अब जरा प्लान भी के बारे में जानिए. दरअसल हेमंत सोरेन के प्लान भी में डिप्टी सीएम बनाने का भी प्रस्ताव है. सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक प्लान बी में झारखंड में दो उप मुख्यमंत्री होंगे.
जमीन घोटाला मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। प्रदेश में कथित तौर पर राजनीतिक अस्थिरता का माहौल गहराने लगा है। इसी बीच CM हेमंत सोरेन के दिल्ली आवास पर पूछताछ करने पहुंची टीम को सोमवार शाम निराशा हाथ लगी। ईडी के अधिकारी सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल नहीं कर सके, क्योंकि पूरे दिन इंतजार करने के बावजूद मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ के मामले में समाचार एजेंसी- पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक जमीन घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों ने 12 घंटे से अधिक समय तक सीएम हेमंत का इंतजार किया। इस रिपोर्ट के मुताबिक आधिकारिक सूत्रों ने दावा किया कि सोरेन ‘लापता’ (missing) हैं। हालांकि, परिवार के सदस्य का आरोप है कि हेमंत को बदनाम करने, उनकी स्थिति कमजोर और गैरकानूनी (delegitimise) बनाने के लिए ‘झूठी कहानी’ गढ़ी जा रही है।
पूरे मामले से जुड़ी इन अहम बातों को जानना भी जरूरी-
ईडी के अधिकारियों ने 12 घंटे तक सीएम का इंतजार किया
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक ईडी के अधिकारी, दिल्ली पुलिस के जवानों और अधिकारियों के साथ सुबह करीब नौ बजे से ही दक्षिणी दिल्ली में 5/1 शांति निकेतन भवन पहुंचे। रात नौ बजे के बाद भी ईडी के अधिकारी वहां मौजूद रहे। ईडी के अधिकारी रात 8 बजे कुछ देर के लिए परिसर से बाहर निकले। आवास के बाहर खड़ी एक बीएमडब्ल्यू कार की जांच भी की गई।
दिल्ली हवाई अड्डे पर भी निगरानी, इन जगहों पर भी नहीं मिले मुख्यमंत्री
एक सूत्र ने कहा ईडी की टीम मुख्यमंत्री से पूछताछ करने के लिए उनके आवास पर आई थी, लेकिन वह यहां नहीं मिले। ईडी की टीमें दिल्ली में झारखंड भवन और कुछ अन्य स्थानों पर भी गई, लेकिन मुख्यमंत्री नहीं मिले। सूत्रों ने कहा कि ईडी की टीमें सोरेन के लौटने तक आवास पर रहेंगी। अधिकारी दिल्ली हवाई अड्डे पर भी निगरानी रख रहे हैं।
झारखंड के राज्यपाल का सख्त रूख; कहा- सीएम हेमंत को देने ही होंगे सवालों के जवाब
इससे पहले झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी शख्स कानून से परे नहीं जा सकता। उन्होंने जमीन घोटाला मामले में ईडी की जांच से जुड़े एक सवाल पर कहा कि आज नहीं तो कल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को तमाम सवालों के जवाब देने पड़ेंगे। राष्ट्रपति शासन की कयासबाजी पर प्रदेश के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा, राजभवन पूरे हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है। राज्यपाल के मुताबिक अभी राष्ट्रपति शासन लगाने की संभावनाओं पर बात करना जल्दबाजी है।
CM Hemant Soren: मनी लॉन्ड्रिंग केस में झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन आज ED के सामने पेश होंगे. अगर वे गिरफ्तार हुए उनकी पत्नी कल्पना सोरेन को राज्य की कमान दी जाएगी. दरअसल, सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि हेमंत सोरेन ने विधायकों की बैठक में गिरफ्तारी की सूरत में पत्नी को कमान देने की जानकारी दी है. इस महीने की शुरुआत में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी ऐसा ही दावा किया था, लेकिन खुद मुख्यमंत्री ने इसे खारिज कर दिया था. उस समय सोरेन (Hemant Soren) ने निकट भविष्य में अपनी पत्नी के चुनाव लड़ने की संभावना से भी इनकार कर दिया था. कल्पना सोरेन (Kalpana Soren) विधायक नहीं हैं और अगर वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेती हैं तो उन्हें छह महीने के भीतर उपचुनाव जीतकर विधानसभा का सदस्य बनना होगा. इस मामले में एक पेंच ये भी है कि झारखंड विधानसभा का कार्यकाल एक साल से भी कम समय में खत्म हो रहा है, इसलिए उपचुनाव की संभावना को खारिज किया जा सकता है. कल्पना सोरेन कथित तौर पर एक स्कूल चलाती हैं. इसके साथ ही जैविक खेती में भी उनकी रुचि है और वह उसके लिए भी काम करती हैं. उनके पास तीन व्यावसायिक इमारतें हैं, जिनकी कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है. वह महिला एवं बाल सशक्तिकरण के कार्यक्रमों में भी नियमित रूप से शामिल होती हैं. वह 2022 में तब सुर्खियों में आईं जब पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने हेमंत सोरेन पर अपनी पत्नी के स्वामित्व वाली कंपनी को एक औद्योगिक क्षेत्र में भूखंड आवंटित करने के लिए अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था. सूत्रों के हवाले से खबर है कि जब हेमंत सोरेन ने सहयोगी दलों की बैठक में कल्पना का नाम आगे बढ़ाया तो सभी विधायकों ने हेमंत सोरेन के फैसले में भरोसा दिखाया.