हिंदी मासिक पत्रिका

लाल सागर में हूतियों के हमले के बाद जहाज डूबा

13 दिन पहले यमन के पास हुआ था मिसाइल अटैक

लाल सागर में लगातार हो रहे हूतियों के हमलों के बीच पहली बार कोई जहाज डूब गया है। लाल सागर में हूतियों के हमले के बाद जहाज डूबा, 13 दिन पहले यमन के पास हुआ था मिसाइल अटैक, न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने 18 फरवरी को बाब-अल मंडब स्ट्रेट में रूबीमार नाम के जहाज पर मिसाइल से अटैक किया था। इसके बाद जहाज के क्रू मेंबर्स को ब्रिटिश मिलिट्री ने रेस्क्यू किया।

मीडिया हाउस इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक रूबीमार एक ब्रिटिश जहाज है। इस पर बेलीज का फ्लैग लगा हुआ था। हूतियों ने जब इस पर हमला किया तब यह यमन के मोखा पोर्ट से करीब 27.78 किमी की दूरी पर था। पिछले 12 दिनों से यह उत्तर की तरफ बढ़ रहा था, लेकिन लाल सागर में तूफान और खराब मौसम की वजह से जहाज डूब गया।

भारत का 80% व्यापार समुद्री रास्ते से
ग्लोबल ट्रेड का करीब 12% और 30% कंटेनर ट्रैफिक हर साल लाल सागर के स्वेज कैनाल से होकर गुजरता है। हूती विद्रोहियों के हमलों से यूरोप और एशिया के बीच मुख्य मार्ग पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार को समस्‍याओं का सामना करना पड़ रहा है। भारत का 80% व्यापार समुद्री रास्ते से होता है। वहीं 90% ईंधन भी समुद्री मार्ग से ही आता है। समुद्री रास्ते में हमले से भारत के कारोबार पर सीधा असर पड़ता है। इससे सप्लाई चेन बिगड़ने का खतरा है। हूतियों से निपटने के लिए अमेरिका ने करीब 10 देशों के साथ मिलकर एक गठबंधन भी बनाया है, जो लाल सागर में हूतियों को रोकने और कार्गो शिप्स को हमले से बचाने का काम कर रहा है।

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