
मुंबई — हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। पिछले कुछ महीनों से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी—सांस लेने में दिक्कत, उम्र-संबंधी जटिलताएँ और बार-बार अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति। परिवार ने उनकी देखभाल घर पर ही मेडिकल सुपरविजन में जारी रखी थी, लेकिन सोमवार सुबह उनकी स्थिति अचानक खराब हुई और उन्होंने अंतिम सांस ली।
अंतिम संस्कार मुंबई में सम्पन्न
अंतिम संस्कार मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में किया गया। अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान, अनिल कपूर, जुएही चावला सहित कई कलाकार अंतिम विदाई देने पहुंचे। भीड़ कम थी, लेकिन इंडस्ट्री की मौजूदगी साफ दिखाती थी कि धर्मेंद्र की विरासत सिर्फ यादों में नहीं, बल्कि असर में ज़िंदा है।
लंबी बीमारी की पृष्ठभूमि
निधन से 48 घंटे पहले उनकी तबीयत अचानक फिर खराब हुई। पिछले एक साल से धर्मेंद्र बार-बार अस्पताल में भर्ती हो रहे ।नवंबर की शुरुआत में उन्हें सांस लेने में दिक्कत के बाद ICU में रखा गया था। डिस्चार्ज के बाद डॉक्टरों ने घर पर भी निरंतर निगरानी की सलाह दी थी। निधन से 48 घंटे पहले उनकी तबीयत अचानक फिर खराब हुई।
फिल्मी सफर: पांच दशक, 250 से अधिक फिल्में
धर्मेंद्र ने 1960 के दशक में शुरुआत की और जल्दी ही दर्शकों के लिए एक भरोसेमंद ‘मास हीरो’ बन गए।
- शोले, चुपके चुपके, धरम वीर, सीता और गीता, अनुपमा, बंधुआ, और कई क्लासिक फिल्मों में उनका दबदबा रहा।
- 70 और 80 के दशक में उनके एक्शन-इमेज का प्रभाव इतना बड़ा था कि उन्हें “ही-मैन ऑफ बॉलीवुड” कहा गया।
इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया
फिल्म जगत में पूरा दिन सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलियों का सिलसिला चलता रहा।
- निर्देशक, अभिनेता, तकनीशियन—हर किसी ने एक बात दोहराई: धर्मेंद्र ने स्टारडम को कभी सिर पर नहीं चढ़ने दिया।
- युवा एक्टर्स ने उन्हें “अनुशासन का मास्टरक्लास” कहा।
उनकी विरासत का मतलब
- देओल परिवार की दूसरी पीढ़ी—सनी और बॉबी—आज भी सक्रिय हैं।
- तीसरी पीढ़ी, करण देओल के जरिए, उनकी परंपरा आगे बढ़ रही है।
- धर्मेंद्र ने हमेशा यही कहा: “अभिनेता वो नहीं जो सिर्फ फिल्में करे, अभिनेता वो जो इंसानियत निभाए।” उनके निधन के साथ बॉलीवुड के एक पूरे युग का अध्याय बंद हो गया, ऐसे सितारे बार-बार पैदा नहीं होते।